धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से ईशा देओल की 30 साल बाद पहली मुलाकात: एक दिलचस्प कहानी
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की निजी ज़िन्दगी हमेशा ही चर्चा का विषय रही है। उनकी दो शादीशुदा जिंदगी के बीच की जटिलताएँ और उनके परिवार के सदस्य अक्सर मीडिया में सुर्खियाँ बनते रहे हैं। धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर और दूसरी पत्नी हेमा मालिनी के बीच हमेशा से एक दिलचस्प रिश्ते की बात चलती रही है। वहीं, अब उनकी बेटी ईशा देओल ने इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं।

ईशा देओल ने हाल ही में अपनी मां हेमा मालिनी के मेमोयर “हेमा मालिनी बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल” के बारे में बात की। इस मेमोयर में हेमा मालिनी ने अपनी और प्रकाश कौर के रिश्ते को लेकर अपनी भावनाएँ और विचार साझा किए हैं। इसमें एक महत्वपूर्ण किस्सा भी है, जिसमें ईशा देओल ने बताया कि वह 30 साल बाद पहली बार प्रकाश कौर से मिली थीं और उनके साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात की थी।
ईशा ने खुलासा किया कि जब वह 30 साल के बाद प्रकाश कौर से मिलीं, तब वह बहुत भावुक हो गई थीं। यह मुलाकात तब हुई जब उनके चाचा अजित देओल बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था। इस अवसर पर ईशा ने अपने पिता के पहले घर में कदम रखा, जो जुहू के एक पुराने घर में स्थित था। यही वह घर है, जहां धर्मेंद्र और प्रकाश कौर ने अपने परिवार के शुरुआती साल बिताए थे। ईशा ने बताया कि उन्होंने प्रकाश कौर के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया, इसके बाद वह चली गईं।
ईशा ने इस मुलाकात को लेकर कहा कि यह एक बहुत ही भावुक और सम्मानजनक पल था। उन्होंने कहा, “मैंने उनके पैर छुए और उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। मैं बहुत ही संकोचित थी, लेकिन यह मेरे लिए एक बड़ा पल था।” ईशा के लिए यह मुलाकात काफी मायने रखती थी, क्योंकि यह पहली बार था जब वह अपनी पिता की पहली पत्नी से मिली थीं।
हेमा मालिनी ने अपनी किताब में इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वह कभी भी जुहू के उस घर में नहीं गईं, जबकि उनका बंगला उस घर से कुछ मीटर की दूरी पर था। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा इस रिश्ते को बहुत सम्मान के साथ देखती थीं और कभी भी इस पर कोई विवाद नहीं चाहती थीं। उन्होंने कहा कि जब ईशा को परिवार की स्थिति के बारे में पता चला, तब वह काफी संवेदनशील हो गई थीं और इस मुद्दे को लेकर उसने कभी भी कोई शिकायत नहीं की।
हालांकि, यह सब तब शुरू हुआ था जब प्रकाश कौर का एक पुराना कमेंट वायरल हुआ था। उसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी पुरुष उन्हें छोड़कर हेमा मालिनी को चुन सकता है। यह बयान काफी चर्चा में आया था और इसके बाद से देओल परिवार की व्यक्तिगत जिंदगी पर कई सवाल उठे थे।
ईशा ने इस सब पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह और उनकी मां हेमा मालिनी हमेशा परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करती हैं और उनके रिश्ते को लेकर जो भी अटकलें लगाई जाती हैं, वह उन पर ध्यान नहीं देतीं। उनके लिए परिवार और एकता सबसे महत्वपूर्ण है।
ईशा की यह मुलाकात प्रकाश कौर के साथ न केवल एक व्यक्तिगत पल थी, बल्कि इसने यह भी दर्शाया कि कैसे परिवार के सदस्य आपस में जुड़े होते हैं, भले ही उनके बीच कभी मतभेद क्यों न हों। धर्मेंद्र के परिवार की यह जटिलता अब भी चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन इस प्रकार की मुलाकातें और खुलासे यह साफ़ करते हैं कि परिवार में प्रेम और सम्मान की भावना हमेशा महत्वपूर्ण होती है।
