देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में 27 फरवरी को गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 909 रुपए गिरकर 85,738 रुपए हो गया। इससे पहले 26 फरवरी को सोने की कीमत 86,647 रुपए थी। बीते 19 फरवरी को सोने ने 86,733 रुपए का ऑलटाइम हाई स्तर छुआ था।

चांदी के दाम में भी गिरावट

चांदी की कीमत में भी मामूली गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत 45 रुपए कम होकर 95,725 रुपए पर आ गई। कल यानी 26 फरवरी को चांदी का भाव 95,769 रुपए प्रति किलो था। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को अपना सर्वकालिक उच्चतम स्तर 99,151 रुपए प्रति किलो पर पहुंचाया था।

मुख्य शहरों में सोने की कीमतें

देश के अलग-अलग शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 10 ग्राम 22 कैरेट – 80,250 रुपए, 10 ग्राम 24 कैरेट – 87,530 रुपए
  • मुंबई: 10 ग्राम 22 कैरेट – 80,100 रुपए, 10 ग्राम 24 कैरेट – 87,380 रुपए
  • कोलकाता: 10 ग्राम 22 कैरेट – 80,100 रुपए, 10 ग्राम 24 कैरेट – 87,380 रुपए
  • चेन्नई: 10 ग्राम 22 कैरेट – 80,100 रुपए, 10 ग्राम 24 कैरेट – 87,380 रुपए
  • भोपाल: 10 ग्राम 22 कैरेट – 80,150 रुपए, 10 ग्राम 24 कैरेट – 87,430 रुपए

इस साल सोने की कीमत में बड़ा उछाल

अगर 1 जनवरी 2025 से अब तक की तुलना करें, तो सोने की कीमत में बड़ा उछाल देखने को मिला है। साल की शुरुआत में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 76,162 रुपए थी, जो अब तक 9,576 रुपए बढ़कर 85,738 रुपए तक पहुंच गई है। इसी तरह, चांदी के भाव में भी जबरदस्त तेजी आई है। 1 जनवरी को चांदी का भाव 86,017 रुपए प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 95,725 रुपए हो गया है।

पिछले साल भी महंगा हुआ था सोना

पिछले साल यानी 2024 में भी सोने की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई थी। पूरे सालभर में सोने का दाम 12,810 रुपए बढ़ा था। ऐसे में निवेशकों के लिए सोना एक मजबूत निवेश विकल्प बना हुआ है।

कीमतों में गिरावट के पीछे क्या कारण हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  1. डॉलर इंडेक्स में मजबूती: जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, जिससे इसकी कीमत में गिरावट आती है।
  2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता: अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों में आर्थिक नीतियों और ब्याज दरों में बदलाव का असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है।
  3. डिमांड और सप्लाई का प्रभाव: शादी-विवाह के सीजन के बाद सोने की मांग में कमी आई है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है।

क्या निवेशकों के लिए सोना खरीदने का सही समय है?

वर्तमान में सोने की कीमतें कुछ हद तक स्थिर हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश करना अब भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए आने वाले महीनों में सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।

निष्कर्ष

27 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों और ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि, लंबे समय में सोने की कीमतें स्थिर रह सकती हैं या बढ़ भी सकती हैं। ऐसे में सोने में निवेश करने वाले निवेशकों को बाजार के रुझानों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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