एक KGB हत्यारे की तलाक की अर्जी ने कैसे ब्रिटेन में जासूसों की सबसे बड़ी सफाई को जन्म दिया

यह 1971 की गर्मियों की एक शांत शाम थी, जब उत्तरी लंदन के एक पुलिस थाने में एक रूसी व्यक्ति पहुंचा। उसके पास न तो कोई अपराध की शिकायत थी, न ही कोई आपातकालीन मामला — उसकी मांग बेहद अजीब थी: “मुझे ब्रिटेन से निष्कासित कर दीजिए, ताकि मैं अपनी पत्नी से तलाक ले सकूं।”

यह व्यक्ति कोई आम नागरिक नहीं था। वह था ओलेग ल्यालिन, सोवियत संघ की कुख्यात खुफिया एजेंसी KGB का एक प्रशिक्षित अधिकारी। उम्र मात्र 32 वर्ष, लेकिन जिम्मेदारियां बेहद खतरनाक। आधिकारिक तौर पर वह लंदन स्थित सोवियत व्यापार मिशन में “टेक्सटाइल विशेषज्ञ” के रूप में कार्यरत था, लेकिन असल में वह KGB के विभाग V में कार्यरत था — यह वही विभाग था जो दुनिया भर में गुप्त हत्याएं, विध्वंस, और तोड़फोड़ जैसे अभियानों को अंजाम देता था।

उसका असली काम था: अगर कभी ब्रिटेन और सोवियत संघ के बीच युद्ध छिड़ जाए, तो ब्रिटेन को भीतर से तोड़ना। वह योजनाएं बना रहा था जिनमें ब्रिटिश नेताओं की हत्या, रेलवे पटरियों को उड़ाना, तटीय इलाकों में रेडियोधर्मी कचरा छोड़ना, और खाद्य आपूर्ति को ज़हर से दूषित करना शामिल था।

लेकिन उसका निजी जीवन पूरी तरह उलझ चुका था। अपनी रूसी पत्नी से अनबन, एक ब्रिटिश महिला से अफेयर, और लगातार मानसिक दबाव के कारण ओलेग ने फैसला किया कि अब वह और नहीं झेल सकता। उसने ब्रिटिश अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और शरण मांग ली।

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 को जैसे ही पता चला कि उनके हाथ कोई मामूली जासूस नहीं, बल्कि KGB का एक प्रशिक्षित हत्यारा लगा है, उन्होंने तुरंत उससे पूछताछ शुरू की। ओलेग ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली थी — सैकड़ों सोवियत एजेंट, जो ब्रिटेन में राजनयिक, व्यापारी, पत्रकार या तकनीकी विशेषज्ञ बनकर रह रहे थे, दरअसल जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त थे।

ओलेग की गवाही के आधार पर ब्रिटेन ने एक ही झटके में 105 सोवियत ‘राजनयिकों’ को देश से निकाल दिया। यह अब तक का सबसे बड़ा जासूस निष्कासन अभियान था जिसे ब्रिटेन ने अंजाम दिया — और यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश था।

इस घटना ने न केवल ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि शीत युद्ध के दौरान पश्चिम और सोवियत संघ के बीच चल रही छाया-जंग को भी एक नया मोड़ दिया।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि यह पूरी खुफिया क्रांति एक तलाक की अर्जी से शुरू हुई — एक ऐसा कदम, जिसने इतिहास के पन्नों में अपना अलग ही अध्याय जोड़ दिया।

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